रक्षा बंधन निबंध | Raksha Bandhan Nibandh |Raksha Bandhan Essay In Hindi

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रक्षा बंधन निबंध | Raksha Bandhan Nibandh |Raksha Bandhan Essay In Hindi

भारत त्योहारों का देश है । यहाँ विभिन्न प्रकार के त्योहार मनाए जाते हैं । हर त्योहार अपना विशेष महत्त्व रखता है । रक्षाबंधन भाई-बहन के प्रेम का प्रतीक त्योहार है । यह भारत की गुरु-शिष्य परंपरा का प्रतीक त्योहार भी है । यह दान के महत्त्व को प्रतिष्ठित करने वाला पावन त्योहार है ।



रक्षाबंधन भारत के प्रमुख त्यौहारों में से एक है। रक्षाबंधन को राखी भी कहते हैं। हर साल श्रावण पूर्णिमा के दिन रक्षाबंधन का त्यौहार मनाया जाता है।रक्षाबंधन भाई-बहन का त्यौहार है। श्रावण पूर्णिमा का पूरा चाँद भाई-बहन के प्रेम और कर्तव्य को समर्पित होता है।
रक्षाबंधन जुलाई या फिर अगस्त के महीने में आता है। रक्षाबंधन एक सामाजिक, पौराणिक, धार्मिक, और ऐतिहासिक भावना के धागे से बना एक ऐसा पावन बंधन है जिसे रक्षाबंधन के नाम से केवल भारत में ही नहीं बल्कि नेपाल और मॉरेशिस में भी बहुत धूम-धाम से मनाया जाता है।
पंडितो द्वारा देश भर में राखी बांधने के लिए एक विशेष समय की घोषणा की जाती है। यह वह समय होता है जब औरते सुदंर वस्त्र पहनकर इस त्योहार की तैयारी करती है। इस अवसर पर उनके द्वारा पारंपरिक पोशाक और इससे मिलते-जुलते जूते-चप्पल पहने जाते है। इसी तरह इस अवसर पर पुरुषो द्वारा भी भारतीय वेषभूषा के पोशाक धारण किये जाते है। इस अवसर पर पूरा वातावरण उमंग और खुशी से भर जाता है। इस पर्व की शुरुआत बहनों  द्वारा अपने भाइयों के माथे पर तिलक लगाकर किया जाता है, इसके बाद वह उनके कलाई पर राखी बाधते हुए उन्हे मिठाई खिलाती है और अपने भाई के लिए मंगलकामना करती है तथा अंत में भाइयों द्वारा अपनी बहनों  को उपहार भेंट किये जाते है और उनकी रक्षा का प्रण लिया जाता है। यह सिर्फ भाई बहनों के लिए महत्वपूर्ण दिन नही है बल्कि की पूरे परिवार के साथ घुलने-मिलने का विशेष दिन होता है।
इस दिन सभी नए-नए कपड़े पहनते हैं। सभी का मन हर्ष और उल्लास से भरा होता है। बहनें अपने भाइयों के लिए। खरीदारी करती हैं, तो भाई अपनी बहनों के लिए साड़ी आदि खरीदते हैं और उन्हें देते हैं। यह खुशियों का त्योहार है।  हमारे हिन्दू समाज में वो लोग इस त्योहार को नहीं मनाते, जिनके परिवार में से रक्षाबंधन वाले दिन कोई पुरुष-भाई, पिता, बेटा, चाचा, ताऊ, भतीजा-मर जाता है। इस पुण्य पर्व पर किसी पुरुष के निधन से यह त्योहार खोटा हो जाता है। फिर यह त्योहार पुनः तब मनाया जाता है जब रक्षाबंधन के ही दिन कुटुंब या परिवार में किसी को पुत्र की प्राप्ति हो।
निष्कर्ष
राखी का भाईयों-बहनो के लिए एक खास महत्व है। इनमें से कई सारे भाई-बहन एक-दूसरे से व्यावसायिक और व्यक्तिगत कारणो से मिल नही पाते, लेकिन इस विशेष अवसर पर वह एक-दूसरे के लिए निश्चित रुप से समय निकालकर इस पवित्र पर्व को मनाते है, जो कि इसकी महत्ता को दर्शाता है।



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